भोपाल: कल भोपाल में आयोजित यूथ कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता, मारपीट एवं बाल खींचने की घटना के विरोध में आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI द्वारा इंदिरा भवन, कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में गृहमंत्री मोहन यादव का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान NSUI कार्यकर्ताओं एवं छात्रों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्रों की आवाज सुने सरकार
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री मोहन यादव कुछ समय पहले राहुल गांधी जी के नेतृत्व में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की नकल करते हुए उसी तरह का कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं। लेकिन केवल कार्यक्रम की नकल करने से प्रदेश के छात्रों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में छात्रों के लिए काम करना चाहती है, तो सड़क पर बेरोजगार घूम रहे युवाओं, लंबित भर्तियों, समय पर परीक्षा न होने और समय पर परिणाम जारी न होने जैसे गंभीर मुद्दों पर काम करे। जिन छात्रों को अपने भविष्य की चिंता है, उनकी आवाज सुने और उनकी समस्याओं का समाधान करे।
ये भी पढ़ें: MP में पुलिस आरक्षक चालक के 1000 पदों पर भर्ती: 15 अक्टूबर से आवेदन, सिर्फ पुरुष अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन
छात्रों की आवाज न दबाए सरकार
आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्रों के नाम पर कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय सरकार को छात्रों के लिए जमीन पर काम करना चाहिए। ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रम की नकल करने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए कि प्रदेश का छात्र किन परेशानियों से गुजर रहा है। और विडंबना यह है कि जिस कार्यक्रम में छात्रों की बात सुननी चाहिए थी, उसी दौरान छात्रों के साथ कथित बर्बरता और दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना चाहिए। NSUI छात्रों और युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और उनके अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करेगी।
प्रदर्शन के दौरान NSUI प्रदेश सचिव अमन पठान, जिला उपाध्यक्ष वंश कनौजिया, पीयूष पवार, अंकित पटेल, प्रणव सक्सेना, आदित्य राजपूत एवं तारीक खान सहित बड़ी संख्या में NSUI पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र उपस्थित रहे।

