ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर BAMS छात्रों का प्रदर्शन जारी है। शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के छात्रों ने कॉलेज और अस्पताल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया।
सामूहिक रूप से डिग्री छोड़ने की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे सामूहिक रूप से डिग्री छोड़ने जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं। अब सवाल यह है कि छात्रों की मांग पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक निर्णय लेते हैं और आंदोलन का समाधान कैसे निकलता है।
आयुष विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा
छात्रों का आरोप है कि कम स्टाइपेंड देकर आयुष विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस विचार नहीं किया गया। छात्रों ने साफ किया है कि मुख्य गेट पर तालाबंदी के बाद भी यदि उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। यहां तक कि छात्रों ने सामूहिक रूप से अपनी डिग्री छोड़ने की चेतावनी भी दी है। अब देखना होगा कि छात्रों की मांग पर शासन और कॉलेज प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं।
दूसरे राज्यों के मुकाबले कम मिल रहा स्टाइपेंड
दरअसल, ग्वालियर के शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में BAMS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र हड़ताल पर हैं। छात्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में BAMS इंटर्न को हर महीने महज 9,383 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है,जबकि दूसरे राज्यों में यह राशि कहीं ज्यादा है।छात्रों ने तुलना करते हुए बताया कि तेलंगाना में करीब 29,792 रुपये, बिहार में 27 हजार, दिल्ली में 23,500 और राजस्थान में 22 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

