भोपाल:मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में रविवार को एक साथ 3 मानसूनी सिस्टम एक्टिव रहे। इसके चलते तेज बारिश का दौर जारी रहा। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर रहे, जबकि इंदौर, मुरैना, रतलाम समेत कई जिलों में बारिश हुई।
एमपी में 3 सिस्टम सक्रिय
मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, एमपी में 3 सिस्टम, लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) समेत ट्रफ सक्रिय हैं। इसके चलते अब तक सूखे रहे इंदौर-उज्जैन संभाग में भी भारी बारिश हुई।
सुजारा बांध के 4 गेट खोल दिए गए
टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोल दिए गए। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई।
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15 से कमजोर होगा सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। यानी 13 सितंबर की बारिश को एक अकेली घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान–गुजरात की दिशा में आगे बढ़ने के दौरान मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों में वर्षा का प्रभाव बना रह सकता है।हालांकि, 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने की संभावना है।

