नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच कॉमेडियन्स के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया है। मामले में इन पर शो के दौरान दिव्यांग लोगों और गंभीर बीमारी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है।
कोर्ट ने कहा- ये युवा और प्रतिभाशाली
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पांचों कॉमेडियन्स की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता बढ़ाने और फंड जुटाने के प्रयासों की सराहना की।
पीठ ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं। यदि उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है तो इसके अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।
दिव्यांगों की गरिमा से जुड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग लोगों से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। कोर्ट यह विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशानिर्देश बनाए जा सकते हैं।
2025 में दर्ज हुआ था मामला
यह विवाद ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड से जुड़ा है। 5 मई 2025 को समय रैना समेत पांच कॉमेडियन्स के खिलाफ दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
शो में दिव्यांग लोगों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हुआ था।
क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन भी पहुंचा था सुप्रीम कोर्ट
क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में कहा गया था कि इस तरह की टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। फाउंडेशन ने ऑनलाइन कंटेंट के लिए ऐसे नियम बनाने की मांग की थी, जिससे दिव्यांग लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हो सके।

