भोपाल:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से शुरू होगी और अयोध्या तक जाएगी।दिग्विजय सिंह ने बुधवार को जारी वीडियो संदेश में यात्रा को गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि धर्म और आस्था के नाम पर कथित भ्रष्टाचार और श्रद्धालुओं के साथ हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाना है।
चढ़ावे और दान के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इसमें करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। उनका आरोप है कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे से निजी संपत्तियां और वाहन खरीदे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए गठित ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग भी चढ़ावे के कथित दुरुपयोग में शामिल रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता होनी चाहिए।
राम जन्मभूमि आंदोलन का भी किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने 1988-89 में विश्व हिंदू परिषद की ओर से चलाए गए राम शिला पूजन अभियान में हिस्सा लिया था और अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया था।उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में श्रद्धालुओं से मिले दान और चढ़ावे के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे और विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भाजपा से जुड़े लोगों पर उन्होंने अनियमितता के आरोप लगाए।
‘यतो धर्मस्ततो जयः’ रखा यात्रा का संदेश
दिग्विजय सिंह ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इसी भावना के साथ उन्होंने उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक यात्रा निकालने का फैसला किया है।उन्होंने यात्रा का संदेश ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ यानी ‘जहां धर्म है, वहीं विजय है’ रखा है।

