सोलोमन सागर। प्रशांत महासागर क्षेत्र में बना भीषण उष्णकटिबंधीय चक्रवात ‘मैला’ तेजी से तबाही मचाते हुए अब ऑस्ट्रेलिया की ओर बढ़ रहा है। सोलोमन सागर में सक्रिय इस तूफान ने अपनी भयावह ताकत से कई द्वीपों पर भारी नुकसान पहुंचाया है और मौसम एजेंसियों ने इसे हाल के दशकों का सबसे असामान्य चक्रवात बताया है।
सोलोमन सागर से उठी तबाही
सूत्रों के मुताबिक, सोलोमन द्वीप समूह और आसपास के पैसिफिक आइलैंड्स में ‘मैला’ ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों में घर ढह गए हैं और संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
1951 के बाद सबसे खतरनाक तूफान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 1951 के बाद सोलोमन सागर में इस स्तर का चक्रवात देखने को नहीं मिला था। इस क्षेत्र में आमतौर पर इतने शक्तिशाली तूफान विकसित नहीं होते, लेकिन इस बार समुद्र के असामान्य रूप से गर्म तापमान ने ‘मैला’ को बेहद खतरनाक बना दिया।
बदलती ताकत, लेकिन खतरा बरकरार
बता दें तूफान पहले श्रेणी-5 तक पहुंच गया था, जहां हवाओं की रफ्तार करीब 195 किमी/घंटा तक दर्ज की गई। फिलहाल इसकी तीव्रता घटकर श्रेणी-2 के आसपास है, लेकिन इसके प्रभाव क्षेत्र में अभी भी तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्री उफान जारी है।
‘मैला’ अगले 24 घंटों में पापुआ न्यू गिनी के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है, जिसके बाद यह कोरल सागर में प्रवेश करते हुए ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड तट की ओर बढ़ेगा। अनुमान है कि यह तूफान केप यॉर्क प्रायद्वीप को भी पार कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया और आसपास के देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और राहत टीमों को तैनात किया गया है।

