नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी, युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने के आरोप हैं।
पहली अनुसूची में शामिल हुआ SBN
गृह मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में यूएपीए की धारा 35(1)(ए) के तहत शाहजाद भट्टी नेटवर्क को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। इस अनुसूची में उन संगठनों के नाम दर्ज किए जाते हैं जिन्हें कानून के तहत आतंकी संगठन घोषित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, SBN इस सूची में शामिल होने वाला 46वां संगठन है।
युवाओं और स्थानीय अपराधियों को जोड़ने का आरोप
मंत्रालय का कहना है कि नेटवर्क कथित तौर पर युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल स्थानीय लोगों को लालच देकर अपने साथ जोड़ता था। इसके बाद उन्हें आतंकवादी गतिविधियों और भारत विरोधी अभियानों के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। सरकार के मुताबिक, नेटवर्क दूसरे प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर संसाधन जुटाने और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी शामिल रहा है।
हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी
अधिसूचना में SBN पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थ भारत पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान आईईडी, पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल
गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क ने डिजिटल संचार माध्यमों का इस्तेमाल कथित तौर पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाली सामग्री के प्रसार के लिए किया। सरकार का आरोप है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को प्रभावित करने और हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश की गई।
14 राज्यों में कार्रवाई का दावा
गृह मंत्रालय के मुताबिक, अगस्त में नेटवर्क से जुड़े मामलों को लेकर 14 राज्यों में अभियान चलाया गया था। इस दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां की गईं।
इन मामलों में यूएपीए के अलावा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव्स एक्ट, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
सरकार ने सुरक्षा के लिए खतरा बताया
गृह मंत्रालय का कहना है कि नेटवर्क की गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक-सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। यूएपीए की पहली अनुसूची में शामिल किए जाने के बाद शाहजाद भट्टी नेटवर्क अब भारत में कानून के तहत घोषित आतंकी संगठनों की सूची में शामिल हो गया है।

