भोपाल: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में सात अधिवक्ताओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
वर्तमान में हाईकोर्ट में 38 न्यायाधीश नियुक्त हैं। सातों नियुक्तियां पूरी होने पर यह संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। हालांकि, नियुक्तियों की औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
सात अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी
कॉलेजियम की अनुशंसा में डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजूमदार और अविनाश जरगर के नाम शामिल हैं।
न्यायिक कार्यों के संचालन को मिलेगी मजबूती
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों के संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लंबित मामलों के निपटारे पर इसका वास्तविक असर कार्यभार और मामलों की संख्या सहित अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई के लिए उपलब्ध न्यायिक क्षमता में वृद्धि हो सकती है। इससे लंबित प्रकरणों के निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, मामलों के आवंटन और न्यायालय के समग्र कार्यभार पर निर्भर करेगा।
ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग का हलफनामा: ‘SIR के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं हुआ
औपचारिक नियुक्ति की प्रतीक्षा
कॉलेजियम की अनुशंसा नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने तथा नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने पर ही सातों अधिवक्ताओं की न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति औपचारिक रूप से पूरी होगी।

