हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। यह फैसला उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के बाद पार्टी में उठे मामले के बीच लिया गया। इससे पहले कांग्रेस की अनुशासन समिति ने भी मामले में सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।
दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक
मामले पर चर्चा के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने कोंडा सुरेखा को दिल्ली बुलाया था। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री और तेलंगाना कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी दिल्ली में मौजूद थे। बैठक के बाद सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला सामने आया।
यह भी पढ़े: रामलला के बाद तिरुपति बालाजी मंदिर में कथित भ्रष्टाचार का मामला, ACB की रेड में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को सौंपी रिपोर्ट
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी थी। रिपोर्ट में सुष्मिता की कथित टिप्पणियों के संदर्भ में सुरेखा के रुख पर चर्चा की गई थी।
समिति के अनुसार, सुरेखा को अपनी बेटी की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में पार्टी अनुशासन से जुड़े पहले के मामलों का भी उल्लेख किया था।
सुरेखा ने बेटी की टिप्पणियों से खुद को अलग बताया
कारण बताओ नोटिस के जवाब में सुरेखा ने सुष्मिता की टिप्पणियों को उनके निजी विचार बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी के बयान के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
सुरेखा ने अनुशासन समिति से कारण बताओ नोटिस वापस लेने का अनुरोध भी किया था। हालांकि, पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा और अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें कैबिनेट से हटाने का फैसला किया।

