दिल्ली: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। दोनों ही खुली गाड़ी में सवार होकर इस मार्च में शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक, मार्च शुरू होने से पहले ही राहुल गांधी की टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर याचिका दाखिल कर चुकी थी। इस याचिका में 11 याचिकाकर्ताओं के नाम शामिल हैं।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के मार्च की तुलना भगवान शिव की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
थरुर बोले-लोकतंत्र की रक्षा किसी भी राजनीति से ऊपर है
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान कहा, लोकतंत्र की रक्षा किसी भी राजनीति से ऊपर है। नागरिकों से उनके वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है।
विपक्षी सांसदों ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखा था
रविवार को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया था और कहा था कि कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका दाखिल कर सकता है।
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आंदोलन और धरना जारी रहेगा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- आंदोलन और धरना जारी रहेगा। लोकतंत्र को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। BJP, चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। वह हमेशा सत्ता में बने रहना चाहती है। वे फर्जी वोटर लिस्ट बनाते हैं, फर्जी वोट डालते हैं और चुनाव के नतीजे तैयार करते हैं।
सरकार प्रदर्शन की जगह बदलकर खुद को नहीं बचा सकती और न ही प्रदर्शन स्थल बदलने से कथित गड़बड़ियां छिप सकती हैं। हम लोकतंत्र के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। संघर्ष जारी रहेगा।

