Wednesday, September 23, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsबालाघाट: 14 रुपए के पौधे की सुरक्षा पर 1788 रुपए का ट्री...

बालाघाट: 14 रुपए के पौधे की सुरक्षा पर 1788 रुपए का ट्री गार्ड, कैंपा राशि के इस्तेमाल पर सवाल

बालाघाट: दक्षिण सामान्य वन मंडल में पौधरोपण को लेकर खर्च और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वारासिवनी वन परिक्षेत्र समेत अन्य क्षेत्रों में कुल 16 हजार पौधे लगाए जाने हैं। इनमें वारासिवनी में करीब 8 हजार पौधों का रोपण किया गया है। आरोप है कि करीब 14 रुपए मूल्य वाले छोटे पौधों की सुरक्षा के लिए लगभग 1788 रुपए कीमत के ट्री गार्ड खरीदे जा रहे हैं। इस व्यवस्था को लेकर कैंपा मद की राशि के उपयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

महंगे ट्री गार्ड करेंगे 14 रुपए मूल्य के पौधों की रक्षा

दक्षिण सामान्य मंडल अंतर्गत लगाए जाने वाले पेड़ों की सुरक्षा के लगभग 1788 रुपए मूल्य के ट्री गार्ड मंडला की शारदा सीमेंट पाइप स्टील प्रोडक्ट कंपनी से खरीदे गए है, बकायदा इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, बावजूद इसके आज दिनांक तक ना तो पूरे ट्री गार्ड विभाग को प्राप्त हुए है ना ही उन लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी है, विभाग के सूत्र द्वारा यह बताया गया कि जब पौधे लगाने थे तो पहले पूरे ट्री गार्ड बुलवाए जाने चाहिए थे, अब जबकि पौधों का रोपण हो चुका है तो कैसे उन बौने पौधों की रक्षा की जा सकती है, जबकि पालतू पशुओं द्वारा उन पौधों को नष्ट किया जाना या खा लिया जाना आम बात है।

बगैर सुरक्षा पेड़ होंगे नष्ट, तो गाज गिरेगी छोटे कर्मचारियों पर

बताया जाता है 8000 पौधे बिना सुरक्षा के अपना जीवन बचाने संघर्ष कर रहे है, अब कितने जीवित बचेंगे यह बताना तो मुश्किल है पर लगभग 90 प्रतिशत पौधे खतरे में है यहां तक कि रोपण से अब तक तो कुछ नष्ट भी हो चुके है, किंतु जब इन पौधों का हिसाब नहीं मिलेगा तो कर्मचारियों को इसकी सजा मिल सकती है, सूत्र बताते है मात्र सौ या दो सौ रुपयों के लिए हाल में कई कर्मचारियों का प्रमोशन रुक गया है, तब इन पौधों की रिकवरी ना जाने कितने छोटे कर्मचारियों के बला बनकर आएगी कहा नहीं जा सकता।

बिना तहकीकात के कैसे इतना महंगा ट्री गार्ड चुना, जांच का विषय

मंडला की कंपनी से टेंडरिंग के माध्यम से यह ट्री गार्ड खरीदे जा रहे है पर क्या वन विभाग के अधिकारियों को यह पता नहीं करना था कि क्या इससे अच्छा कोई विकल्प हो सकता है, क्योंकि जानकार बताते है लगभग 8 से 10 फुट का पौधा जिसे ना कोई पशु खराब कर सकता है ना खा सकता है मात्र 600 रुपयों में मिल रहा है, जिसमें किसी सुरक्षा की भी आवश्यकता नहीं होती है, तब डेढ़ फुटिया पौधे में इतना पैसा खर्च करने की आखिर क्या जरूरत पड़ गई , क्या किसी प्रलोभन या निजी फायदे के लिए इतने महंगे ट्री गार्ड खरीदे गए है, इसकी जांच होनी चाहिए, वहीं जब पूरे रोपण का प्रोजेक्ट प्रति पौधा 1000 या 1200 रुपयों में कंप्लीट किया जा सकता था तो क्यों इतने पड़े लिखे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसे 1800 रुपए खर्च कर राशि को बर्बाद करने का कार्य किया जा रहा है जबकि रोपित पौधे नष्ट होते जा रहे हैं।

येेे भी पढ़ें:दतिया भाजपा को मिला नया जिलाध्यक्ष, माधवेंद्र परिहार को मिली कमान

भ्रष्टाचार ने इनकार नहीं किया जा सकता, जांच की आवश्यकता है

सूत्र बताते है 16000 पौधे और उस पर लगने वाला 1788 रुपयों का ट्री गार्ड का पूरा आंकलन किया जाए तो प्रति पौधा 1802 रुपयों के खर्च पर लगाया जा रहा है, जिसमें लगाने का खर्च नहीं जोड़ा गया है, अगर एक पौधे को लगाने का खर्च 200 रुपए भी हुआ तो , 2002 रुपए प्रति पौधे को लगाने का खर्च आता होगा, तब जबकि एक पौधे को अधिकतम 1200 रूपयों के खर्च पर लगाया जा सकता था , मतलब साफ है के 800 रुपयों को व्यर्थ में बर्बाद किया जा रहा है या फिर ये किसी की जेब में जा आरहे है, इस हिसाब से 16000 पौधा रोपण में 01 करोड़ 28 लाख की राशि को व्यर्थ ही बर्बाद किया जा रहा है, जो बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

बहरहाल जनता को तय करना है कि दक्षिण वन सामान्य मंडल द्वारा कैंपा मद की राशि का सदुपयोग हो रहा है या बंदरबांट हो रहा है। राजस्व के लिए निगम को हरे भरे वृक्षों के कम्पार्टमेंट सौपे जा रहे हैं ताकि सागौन उगाकर माल कमाया जाए। वही वृक्ष लगाने के लिए जारी मद का दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है, जो चिंतनीय है जांच का विषय है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

20 to 26 September 2026
13 to 19 September 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन