वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका में चुनावी नियमों को सख्त करने की मांग की है। ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील की। उन्होंने इस दौरान भारत की चुनाव व्यवस्था और वोटिंग में फोटो ID के इस्तेमाल का हवाला दिया।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया था कि अमेरिका में वैध फोटो ID के बिना चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं।
इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका में ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पास करना जरूरी है। उनका तर्क है कि मतदाता पहचान और पंजीकरण से जुड़े नियमों को सख्त करने से चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
क्या है ‘सेव अमेरिका एक्ट’?
‘सेव अमेरिका एक्ट’ अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान की प्रक्रिया से जुड़े नियमों को कड़ा करने वाला प्रस्तावित कानून है। इसके तहत मतदाता पंजीकरण के समय अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण और मतदान के समय फोटो ID दिखाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
विधेयक में डाक के जरिए मतदान की प्रक्रिया को भी सीमित करने का प्रावधान है। यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है, लेकिन अभी सीनेट की मंजूरी बाकी है।
क्यों हो रहा है विवाद?
अमेरिका में वोटर ID को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों का तर्क है कि नागरिकता का प्रमाण और फोटो ID अनिवार्य करने से चुनावी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी। ट्रंप भी लगातार दावा करते रहे हैं कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
वहीं, डेमोक्रेट्स और अन्य विरोधियों का कहना है कि अमेरिका में गैर-नागरिकों का मतदान पहले से ही प्रतिबंधित है। उनका तर्क है कि अतिरिक्त दस्तावेजी शर्तें ऐसे पात्र मतदाताओं के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं, जिनके पास जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुसार, अमेरिका में करीब 12% पंजीकृत मतदाताओं के पास आम तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजी प्रमाण नहीं हैं।
दूसरे देशों में क्या हैं नियम?
दुनिया के अलग-अलग देशों में मतदान के लिए पहचान संबंधी नियम अलग-अलग हैं। ब्रिटेन में कुछ चुनावों में मतदान केंद्र पर फोटो ID दिखाना अनिवार्य है, जबकि स्कॉटलैंड और वेल्स के कुछ स्थानीय चुनावों में यह नियम लागू नहीं है।
कनाडा में मतदाता को अपनी पहचान और पता साबित करना होता है, लेकिन केवल फोटो ID ही एकमात्र विकल्प नहीं है। मतदाता एक फोटो ID या दो अन्य मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में ID उपलब्ध नहीं होने पर किसी अन्य मतदाता की पुष्टि के जरिए भी पहचान सत्यापित की जा सकती है।
यानी, अमेरिका में फोटो ID को लेकर जारी बहस सिर्फ घरेलू राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि अलग-अलग देशों में अपनाई जाने वाली चुनावी व्यवस्थाओं की तुलना से भी जुड़ गई है।

