कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले दोबारा शुरू कर दिए हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा के बाद यूक्रेन ने कुछ समय के लिए अपनी कार्रवाई रोक दी थी। हालांकि, रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहने के आरोपों के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अब जवाबी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।
रूस की तेल रिफाइनरी में लगी आग
रूस के रियाजान क्षेत्र में यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। क्षेत्रीय गवर्नर पावेल माल्कोव के अनुसार, हमले के कारण एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। घटना के बाद आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा गया और नुकसान का आकलन शुरू किया गया।
रूस की तेल रिफाइनरियां यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण निशाना रही हैं। इन ठिकानों पर हमलों से रूस की ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा कारोबार प्रभावित हो सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
जेलेंस्की ने ट्रंप की नीति पर उठाए सवाल?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर रूस के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यूक्रेन से हमले रोकने की अपेक्षा की जा रही है, जबकि रूस लगातार उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है।
जेलेंस्की के अनुसार, रूस के हमलों के कारण यूक्रेन में करीब छह लाख लोग बिजली से वंचित हुए। उन्होंने कहा कि यदि रूस अपने हमले बंद नहीं करता, तो यूक्रेन भी अनिश्चित समय तक संयम नहीं बरत सकता।
अमेरिकी खुफिया जानकारी रोकने का भी आरोप
जेलेंस्की ने अमेरिका पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेनी सेना को चेतावनी दी थी कि यदि रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे, तो वॉशिंगटन खुफिया जानकारी देना बंद कर सकता है।
उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में रूस की ओर से आने वाली मिसाइलों के संबंध में यूक्रेन को समय पर चेतावनी नहीं मिली। जेलेंस्की ने इसे तकनीकी समस्या मानने से इनकार करते हुए जानबूझकर लिया गया फैसला बताया।
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अमेरिका और रूस की बढ़ती नजदीकियों से चिंता
जेलेंस्की ने रूस के साथ व्यापारिक समझौतों में अमेरिका की दिलचस्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि युद्ध के बीच रूस के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने की कोशिश यूक्रेन के लिए चिंता का विषय है।
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव कम करने की कोशिशों पर जोर देता रहा है।

