नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन से पहले तनाव बढ़ गया। जंतर-मंतर मार्च के लिए पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से करीब एक हजार प्रदर्शनकारियों को भी पकड़ा। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए। दीपके ने पहले से रिकॉर्ड वीडियो में कहा है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद अजिंक्य शिंदे आंदोलन की कमान संभालेंगे।
एयरपोर्ट पर ही हिरासत में लिए गए सीजेपी नेता
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। तीनों मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर रोकने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की खबर है।
दीपके के बाद अजिंक्य शिंदे करेंगे आंदोलन का नेतृत्व
सीजेपी ने अभिजीत दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि अगर उन्हें हिरासत में लिया जाता है तो अजिंक्य शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। शिंदे पहले आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र युवा इकाई के संयोजक रह चुके हैं।
दीपके की मां अनीता दीपके ने संभाजीनगर में कार्रवाई पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा देश के लिए अच्छा काम कर रहा है और सरकार का रवैया गलत है।
कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
जंतर-मंतर की ओर मार्च करने वालों में नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई लोग शामिल रहे। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोका। बंगला साहिब क्षेत्र और सुप्रीम कोर्ट के पास भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
सीपीआईएम के महासचिव एमए बेबी, नेता बृंदा करात और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, तुषार गांधी को मुंबई में हिरासत में लिया गया।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के संजय कुमार के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास प्रदर्शन कर रहे कई वकीलों को भी हिरासत में लिया। सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से हस्तक्षेप की मांग की।
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ज्यां द्रेज ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल?
अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने प्रदर्शन स्थल के आसपास भारी सुरक्षा तैनाती पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई लोग प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार को मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लोगों के जागरूक होने का डर है।
प्रदर्शन के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाए जाने की भी खबर है। चुनाव आयोग के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन के बीच दिल्ली में कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना रहा।

