वॉशिंगटन: फीफा विश्व कप 2026 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कथित दखलअंदाजी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन के रेड कार्ड पर लगी एक मैच की पाबंदी हटाए जाने के बाद FIFA की निष्पक्षता और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बालोगुन के मामले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था।
हालांकि बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल खेलने की अनुमति मिल गई, लेकिन अमेरिका को 1-4 से हार का सामना करना पड़ा और उसकी विश्व कप यात्रा समाप्त हो गई।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका और बोस्निया-हर्जेगोविना के मुकाबले में फोलारिन बालोगुन को सीधे रेड कार्ड दिखाया गया था। सामान्य नियमों के अनुसार उन्हें अगले मैच के लिए स्वतः निलंबित होना था। लेकिन बाद में FIFA की अनुशासनिक प्रक्रिया के तहत उनके निलंबन को स्थगित कर दिया गया, जिससे वे बेल्जियम के खिलाफ मैदान में उतर सके।
मैंने FIFA से बात की– ट्रम्प
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा रेड कार्ड का फैसला गलत था, इसलिए उन्होंने FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से मामले की समीक्षा करने का अनुरोध किया। ट्रम्प ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित करना था।
FIFA ने क्या कहा ?
FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने स्पष्ट किया कि उनसे ट्रम्प की बातचीत हुई थी, लेकिन अंतिम फैसला स्वतंत्र अनुशासनिक निकाय ने नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लिया। उन्होंने कहा कि FIFA की न्यायिक संस्थाएं स्वतंत्र हैं और राजनीतिक हस्तक्षेप से अलग होकर निर्णय लेती हैं।
यूरोप में फैसले का विरोध
बालोगुन की वापसी पर बेल्जियम फुटबॉल संघ और UEFA ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सीधे रेड कार्ड पर स्वतः निलंबन FIFA के स्थापित नियमों का हिस्सा है और इस तरह का फैसला खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। कई पूर्व खिलाड़ियों और फुटबॉल विशेषज्ञों ने भी इस विवाद पर चिंता जताई है।
विश्व कप इतिहास में रेड कार्ड से जुड़े फैसलों पर विवाद पहले भी हुए हैं, लेकिन किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक रूप से समीक्षा की मांग करने और उसके बाद निलंबन हटने की घटना ने खेल प्रशासन और राजनीति के रिश्ते पर नई बहस छेड़ दी है।

