नई दिल्ली: देशभर में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच अब मौसम अचानक करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जुलाई के लिए बड़ा अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 12 से 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा।
विभाग के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तूफानी हवाओं का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर न रुकने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
IMD के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम से रात के बीच तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर और आसपास के जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
बिहार के पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार और गया में भी तेज बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, सागर, उज्जैन, रायसेन, बालाघाट, धार, देवास, हरदा, कटनी और बेतूल सहित कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं राजस्थान, पंजाब, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी मानसून का असर तेज रहेगा। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
यात्रा से पहले मौसम जरूर देखें
पहाड़ी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर, हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा और किन्नौर, जबकि जम्मू-कश्मीर के जम्मू, अनंतनाग, बारामूला, पुलवामा और किश्तवाड़ सहित कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ गया है।
चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों में अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या करें, क्या न करें?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहें। खेतों में काम कर रहे किसान गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रुकें। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और जलभराव वाले रास्तों से बचें। प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

