मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में बंधुआ मजदूरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। तितावी थाना क्षेत्र के माड़ी गांव स्थित एक फैक्ट्री पर पुलिस, श्रम विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 12 मजदूरों को मुक्त कराया। आरोप है कि इन मजदूरों को नौकरी और अच्छी तनख्वाह का लालच देकर अलग-अलग राज्यों से लाया गया था और फिर उन्हें बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था।
कई राज्यों और नेपाल से लाए गए थे मजदूर
जांच में सामने आया है कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल से मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर फैक्ट्री तक लाया जाता था। यहां पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए जाते थे। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
24 घंटे में सिर्फ एक बार मिलती थी सूखी रोटी
बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए मजदूरों ने बताया कि उन्हें नियमित भोजन तक नहीं दिया जाता था। आरोप है कि 24 घंटे में केवल एक बार सूखी रोटी दी जाती थी। मजदूरी के नाम पर कोई वेतन नहीं मिलता था और विरोध करने पर डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पिटाई की जाती थी। कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। मेडिकल जांच में भी चोटों की पुष्टि हुई है।
मजदूरों की निगरानी के लिए रखे गए थे पिटबुल डॉग
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि फैक्ट्री में मजदूरों की निगरानी और उन्हें डराने के लिए दो पिटबुल डॉग रखे गए थे। पीड़ितों का कहना है कि कुत्तों के डर से कोई भी मजदूर भागने की हिम्मत नहीं कर पाता था। फैक्ट्री परिसर के अंदर और बाहर दोनों जगह पिटबुल तैनात रहते थे।
एक मजदूर के भागने से खुला पूरा राज
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बंधक बनाए गए मजदूरों में से एक किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा। उसने पुलिस को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मजदूरों को मुक्त कराया।
दो आरोपी गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से शिवम त्यागी और प्रदीप बालियान नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से मजदूरों की पिटाई में इस्तेमाल किए जाने वाले डंडे और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बंधुआ मजदूरी, मारपीट, मानव तस्करी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
कई मौतों की आशंका, जांच जारी
वहीं पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि फैक्ट्री में प्रताड़ना के चलते कुछ मजदूरों की मौत भी हो चुकी हो सकती है। एक मृत व्यक्ति की पहचान होने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
मामले को लेकर मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मजदूरों को बंधक बनाकर रखने, प्रताड़ित करने और जबरन काम कराने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

