भोपाल: मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव के बीच उड़ानें रद्द होने से करीब 4 हजार भारतीयों की वापसी अटक गई है। इनमें मध्यप्रदेश के 300 से ज्यादा और भोपाल-इंदौर के 120 से अधिक लोग शामिल होने की आशंका है। ये सभी मदीना उमराह करने गए थे। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।
‘विशेष विमानों की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए’
अब्बास हफीज ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से यात्रियों की वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी करने और वीजा अवधि बढ़ाने में मदद करने से वापसी की समस्या हल नहीं होगी।
सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय कर वैकल्पिक उड़ानों या विशेष विमानों की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
परिवार के 11 सदस्यों के साथ गए थे अनस
भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए हैं। उनका 29 अक्टूबर का इंडिगो का रिटर्न टिकट था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के बाद अब तक दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी है।
अनस के मुताबिक, ट्रैवल एजेंसी अब दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प देख रही है। इसके लिए परिवार को पुराने टिकट के अलावा करीब 20 से 22 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
यात्रियों को निकलने में मुश्किल हो सकती है
हफीज ने बताया- एयरलाइंस सुरक्षा कारणों से उड़ानें संचालित नहीं कर रही हैं, लेकिन वापसी का टिकट ले चुके यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर यात्रियों को निकालने में और मुश्किल हो सकती है।
ये भी पढ़ें: धार में दर्दनाक हादसा: टायर फटने से कार में लगी आग, 4 युवकों की जिंदा जलकर मौत
सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
सऊदी अरब में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है। मक्का और मदीना में मिसाइलों का मलबा गिरने की आशंका को लेकर चेतावनी जारी किए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे हालात में उमराह यात्रियों की सुरक्षित वापसी महत्वपूर्ण हो गई है।

