लूथरा ब्रदर्स की 42 शेल कंपनियों का खुलासा — नॉर्थ दिल्ली के एक ही पते से जुड़े अरबों के लेनदेन पर सवाल

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गोवा के Birch by Romeo Lane आग हादसे में आरोपी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रभावशाली नाम माने जाने वाले लूथरा ब्रदर्स अब एक बड़े कॉर्पोरेट घोटाले के शक में घिरते दिख रहे हैं। दस्तावेज़ों और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स की समीक्षा में सामने आया है कि दोनों भाई 42 कंपनियों और LLPs से जुड़े हुए हैं, जिनका संचालन और वित्तीय पैटर्न गंभीर सवाल खड़े करता है।

एक ही पते पर रजिस्टर्ड 42 कंपनियाँ

कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स के अनुसार, लूथरा ब्रदर्स की अधिकांश कंपनियाँ एक ही पते पर रजिस्टर्ड मिलीं है। जिसका पता 2590, ग्राउंड फ़्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली है। बता दें लगभग सभी कंपनियों में वही डायरेक्टर्स, बिना ऑपरेशन के कई कंपनियाँ और कोई बिज़नेस गतिविधि का प्रमाण भी नहीं है।

इंटरनेशनल प्रेज़ेन्स का दावा

मार्केटिंग सामग्री और सोशल मीडिया कैंपेन्स में लूथरा ब्रदर्स की कंपनियाँ थाईलैंड के Phuket में आउटलेट होने का बड़ा दावा करती हैं। लेकिन पड़ताल में पाया गया है कि- कोई ऑपरेशनल आउटलेट नहीं है, किसी ग्राहक की समीक्षा उपलब्ध नहीं है और कोई सत्यापित एड्रेस भी मौजूद नहीं है। यानी इंटरनेशनल एक्सपैंशन का दावा भी केवल प्रचार तक ही सीमित दिखता है।

रेस्तरां बिज़नेस से अरबों के टर्नओवर का दावा

जहां लूथरा ब्रदर्स खुद को भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते हॉस्पिटैलिटी समूहों में बताकर अरबों के कारोबार का दावा करते हैं, वहीं कॉर्पोरेट फ़ाइलिंग में कई कंपनियों में शून्य राजस्व, कुछ में कोई कर्मचारी ही दर्ज नहीं है और कई कंपनियाँ बिल्कुल निष्क्रिय है। ये सभी संकेत एक विस्तृत कॉर्पोरेट नेटवर्क के भीतर संभावित वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं।

लूथरा ब्रदर्स से जुड़ी प्रमुख कंपनियों की सूची

Private Limited Companies

  1. OSRJ Food and Entertainment Private Limited
  2. Being GS Hospitality Private Limited
  3. Being FS Pacific Hospitality Private Limited
  4. Being Life Hospitality Private Limited
  5. Being Bharat Hospitality Private Limited
  6. Virtue Food and Brevages Private Limited

जांच एजेंसियों की नजर अब कॉर्पोरेट लेयरिंग पर

गोवा फायर केस के बाद अब फोकस लूथरा ब्रदर्स के व्यापक कॉर्पोरेट नेटवर्क पर आ चुका है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ये कंपनियाँ आपस में लेयरिंग के लिए बनाई गई थीं, क्या इनसे बड़े ट्रांजैक्शन को छुपाया गया और क्या कोई फंड डायवर्ज़न या मनी लॉन्ड्रिंग हुई है? पुलिस क अनुसार जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।