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गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले की गरिमा पर उपद्रव का साया; बिजली गुल होते ही पुलिस से भी भिड़े असामाजिक तत्व

गढ़ाकोटा। बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक गढ़ाकोटा रहस मेले’ में बीती रात व्यवस्थाएं उस समय तार-तार हो गईं, जब कुछ उपद्रवियों ने मामूली बात पर भारी उत्पात मचाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होना केवल एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि अराजकता का बहाना बन गया। देखते ही देखते ऐतिहासिक मेला परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया और सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई।

यह मेला लगभग 221 वर्ष पुराना है और राजा मर्दन सिंह जूदेव की राज्यारोहण की स्मृति में आयोजित होता है। 26 से 28 फरवरी 2026 तक चला यह तीन दिवसीय लोक उत्सव सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, जिसमें बुंदेली राई, लोक नृत्य और अन्य कार्यक्रम होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसका शुभारंभ किया था।
कुर्सियां तोड़ीं, व्यवस्थाएं ध्वस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ युवकों ने अपना आपा खो दिया और कार्यक्रम स्थल पर रखी सैकड़ों कुर्सियों को तोड़ना शुरू कर दिया। विवाद की जड़ दो पक्षों के बीच हुई मामूली कहासुनी बताई जा रही है, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। उपद्रव इतना बढ़ गया कि आम श्रद्धालुओं और परिवारों को अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
पुलिस के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू पुलिस बल के साथ की गई बदसलूकी रही। जब तैनात पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की, तो नशे और आक्रोश में चूर असामाजिक तत्व सीधे पुलिस से ही भिड़ गए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कानून के रखवालों के साथ धक्का-मुक्की की जा रही है और उन्हें अपशब्द कहे जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। इन वीडियो फुटेज को डिजिटल साक्ष्य मानकर आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है।
गढ़ाकोटा का रहस मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक अस्मिता है। चंद उपद्रवियों की इस हरकत ने न केवल प्रशासन की तैयारी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मेले की वैश्विक छवि को भी गहरा आघात पहुँचाया है।
प्रशासनिक रुख और सुरक्षा समीक्षा
उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मेला क्षेत्र को ’जीरो टॉलरेंस जोन’ घोषित किया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
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