Saturday, November 7, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsवैश्विक तनाव के बीच भारत बनेगा डिप्लोमैटिक हब

वैश्विक तनाव के बीच भारत बनेगा डिप्लोमैटिक हब

नई दिल्ली। भारत में होने जा रही BRICS Summit की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच खबर है कि ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी नई दिल्ली दौरे पर आ सकते हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह संभावित दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

बैक-टू-बैक बातचीत

यह दौरा एस जयशंकर और सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई हाई-लेवल बातचीत के बाद सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान BRICS को एक मजबूत मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म के तौर पर देख रहा है, जहां वैश्विक तनाव के बीच संवाद और समाधान की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

लावरोव का भारत दौरा तय

जानकारी अनुसार, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी 14-15 मई को भारत में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। उनकी इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है, जिससे रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

क्यों खास है यह BRICS मीटिंग?

बता दें भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस बार की थीम है- ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation & Sustainability’। यह थीम सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता, टेक्नोलॉजी और लोगों-केंद्रित विकास पर फोकस करती है। इस बैठक को सितंबर में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की रीहर्सल डिप्लोमेसी भी माना जा रहा है, जहां बड़े फैसलों की नींव रखी जाएगी।

क्या बदल सकता है?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, और वैश्विक गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर यह बैठक अहम भूमिका निभा सकती है। BRICS देशों के पास दुनिया की बड़ी आबादी और आर्थिक ताकत है, इसलिए यहां लिए गए फैसले अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

भारत इस मंच के जरिए खुद को एक ग्लोबल मेडिएटर और डायलॉग लीडर के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का संकेत है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन