बालाघाट। वारासिवनी पुलिस ने सूदखोरी के जरिए लोगों का आर्थिक और मानसिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंक संबंधी दस्तावेज, कोरे चेक, स्टांप एवं अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वारासिवनी क्षेत्र में लंबे समय से अधिक ब्याज दर पर लोगों को ऋण देकर अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। संयुक्त जांच में आरोपी सुनील अरोरा पिता प्रीतमलाल अरोरा, उम्र 45 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 07 लालबाग रोड वारासिवनी को गिरफ्तार किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित तरीके से लोगों को 5 से 10 प्रतिशत तक अधिक ब्याज दर पर कर्ज देता था। कर्ज देने के दौरान वह पीड़ितों से एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, हस्ताक्षरित कोरे चेक, कोरे स्टांप, भूमि के दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण कागजात अपने पास रख लेता था। इसके बाद लोगों पर दबाव बनाकर अवैध रूप से वसूली करता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें कर्ज के जाल में फंसाता था। इतना ही नहीं, आरोपी पीड़ितों के चेक और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। कई मामलों में लोगों को अपनी जमीन तक बेचने को मजबूर होना पड़ा। जमीन की रजिस्ट्री कम कीमत में कराकर शेष राशि आरोपी स्वयं ब्याज के नाम पर रख लेता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 183/26 के तहत धारा 308(5), 316(2) बीएनएस तथा मध्यप्रदेश ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
विवेचना के दौरान आरोपी के कब्जे से 15 ऋण पर्चियां, 153 ब्लैंक चेक, 15 भूमि रजिस्ट्री दस्तावेज, 22 विभिन्न राशियों वाले कोरे स्टांप, 7 हस्ताक्षरयुक्त कोरे कागज, अनुसूचित जनजाति वर्ग का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, एटीएम कार्ड, एलआईसी बॉन्ड, 2 मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर मामले की गहन पूछताछ कर रही है तथा इस अवैध सूदखोरी नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।

