घर-घर घूम रहे 6 हजार कर्मचारी
भोपाल। राजधानी सहित पूरे मप्र में 1 मई से पहले चरण जनगणना शुरू हो गई है। इसमें मकान और परिवार से जुड़ी 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। राजधानी में इस कार्य के लिए 6 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो शहर के 25 जोन में घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं। जनगणना के दौरान प्रगणकों को लोगों की झिझक और आशंकाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। कई नागरिक ओटीपी या मोबाइल नंबर साझा करने को लेकर ठगी का डर जता रहे हैं। जबकि कुछ लोग किराएदारों की जानकारी देने से इनकम टैक्स कार्रवाई की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है और इसमें किसी प्रकार का ओटीपी नहीं लिया जा रहा है। केवल मोबाइल नंबर मांगा जा रहा है ताकि एसएमएस के माध्यम से जनगणना संबंधी सूचना दी जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करें।
इन बिन्दुओं पर मांगी जा रही जानकारी
पहले चरण में जिन प्रमुख बिंदुओं की जानकारी ली जा रही है, उनमें मकान नंबर, मकान की स्थिति, छत और दीवार का प्रकार, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, पेयजल का स्रोत, शौचालय की व्यवस्था, गंदे पानी की निकासी, पीएनजी कनेक्शन, बिजली का मुख्य स्रोत, इंटरनेट सुविधा, टीवी, रेडियो, मोबाइल, टेलीफोन, साइकिल, दोपहिया और चार पहिया वाहन जैसी जानकारियां शामिल हैं।

