भोपाल। मप्र में तबादला आदेशों की अनदेखी कर पुराने पदस्थापना स्थल पर जमे राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) अधिकारियों पर अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सख्ती शुरू कर दी है। अगस्त 2025 में हुए तबादलों के बावजूद नई जगह जॉइन नहीं करने वाले चार अधिकारियों को विभाग ने एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त कर दिया है।
जीएडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई 20 मई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जॉइनिंग की सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना भी अनिवार्य किया गया है। सूत्रों के मुताबिक एकतरफा रिलीव किए गए अधिकारियों में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश के बाद यदि कोई अधिकारी पुराने स्थान पर कार्य करता पाया जाता है तो उसका वेतन आहरित नहीं किया जाए।
बताया जा रहा है कि कई जिलों में तबादला आदेशों के बावजूद अधिकारियों के कार्यमुक्त नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। नई पदस्थापनाओं पर पद खाली होने से कामकाज पर असर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए जीएडी ने पहली बार इतने लंबे समय से लंबित मामलों में सीधे हस्तक्षेप करते हुए सख्त कार्रवाई की है। प्रशासनिक गलियारों में इस कदम को अनुशासन कायम करने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अब तबादला आदेशों के पालन को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के संकेत दे रही है।
इन अफसरों किया रिलीव
रोहन कुमार- संयुक्त कलेक्टर बड़वानी से अपर कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, प्रियंक भारद्वाज डेहरिया- डिप्टी कलेक्टर जिला सागर से डिप्टी कलेक्टर जिला छतरपुर, संतोष मुदगल- प्रभारी डिप्टी कलेक्टर जिला रायसेन से प्रभारी उप संचालक, सामाजिक न्याय ग्वालियर और राकेश कुमार चौधरी- प्रभारी डिप्टी कलेक्टर जिला कटनी से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर जिला रीवा।

