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700 ग्राम मेहंदी से रचा इतिहास! बुक्स ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

नीमच: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जावद की रहने वाली मेहंदी आर्टिस्ट अंजलि चौहान ने अपनी अनोखी कला से ऐसा इतिहास रचा है, जिसने पूरे मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा दिया। अंजलि ने भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलरामजी की 5×5 फीट यानी 25 वर्ग फीट के विशाल कैनवास पर मेहंदी से अद्भुत पेंटिंग तैयार कर बुक्स ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। यह कलाकृति सिर्फ एक पेंटिंग नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और रचनात्मकता का शानदार संगम बन गई है।

10 दिनों की लगी मेहनत

बता दे इस अनोखी पेंटिंग को तैयार करने में अंजलि ने 700 ग्राम मेहंदी का इस्तेमाल किया। खास बात यह रही कि इसे पूरा करने में लगातार 10 दिनों की मेहनत लगी। मेहंदी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उसकी चमक बरकरार रखने के लिए उसमें शक्कर मिलाई गई, जबकि पेंटिंग को संरक्षित करने के लिए सूखने के बाद उस पर फेविकोल की हल्की प्रिजर्वेटिव कोटिंग की गई। पूरी कलाकृति को अलग-अलग हिस्सों में तैयार कर बेहद सावधानी से अंतिम रूप दिया गया।

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इस्कॉन मंदिर में हुआ अनावरण 

इस ऐतिहासिक पेंटिंग का औपचारिक अनावरण नीमच स्थित इस्कॉन मंदिर में किया गया। इस अवसर पर बुक्स ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से अंजलि चौहान को प्रमाण पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने कला प्रेमियों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बना दिया।

अंजलि चौहान पहले से पारंपरिक मेहंदी कला से जुड़ी रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एक रील देखने के बाद उनके मन में मेहंदी से बड़े कैनवास पर कुछ अलग और यादगार बनाने का विचार आया। इसी सोच को उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर से विश्व रिकॉर्ड में बदल दिया। संस्था की टीम ने पेंटिंग के आकार और इस्तेमाल की गई सामग्री का ऑनलाइन सत्यापन करने के बाद इस उपलब्धि को आधिकारिक मान्यता दी।

अंजलि की यह सफलता साबित करती है कि यदि सोच नई हो और मेहनत सच्ची, तो पारंपरिक कला भी विश्व मंच पर नई पहचान बना सकती है। उनकी यह कलाकृति आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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