नई दिल्ली: छात्र आंदोलन के स्थगित होने के बाद एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया, तो संगठन फिर से जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए मजबूर होगा।
आशुतोष रांका ने अपने पोस्ट में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए कहा कि सरकार के साथ हुए समझौते में स्पष्ट रूप से तय हुआ था कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई नई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी और पहले से दर्ज मामलों को भी वापस लिया जाएगा। उनका आरोप है कि इसके बावजूद बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और अन्य राज्यों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

CJP का दावा है कि कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कुछ छात्रों की निगरानी (सर्विलांस) और उत्पीड़न की शिकायतें भी सामने आई हैं। संगठन ने मांग की है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को तत्काल वापस लिया जाए और भविष्य में भी आंदोलन से जुड़े किसी छात्र पर कानूनी कार्रवाई न की जाए।
साथ ही रांका ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि यह बताया जाए कि समझौते के तहत कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो CJP दोबारा देशव्यापी आंदोलन की घोषणा कर सकता है।
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गौरतलब है कि 25 जुलाई को केंद्र सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत के बाद छात्र आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया गया था। उस बैठक में जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे। बैठक के बाद सरकार की ओर से कहा गया था कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, छात्रों की गिरफ्तारी या नए मामलों के संबंध में CJP के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस चेतावनी पर क्या रुख अपनाती है और क्या दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत का रास्ता निकलता है।

