वॉशिंगटन डीसी/बगदाद/तेहरान : मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान समर्थक गुटों के खिलाफ अमेरिका के साथ मिलकर सऊदी अरब ने बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात इराक में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों में 10 लड़ाकों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की खबर है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
PMF के ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक
समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, अमेरिकी और सऊदी बलों ने इराक में उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां ईरान समर्थित लड़ाकों की मौजूदगी की सूचना थी।
अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों की तैयारी की जा रही थी। इसी इनपुट के आधार पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से दिया जवाब
वहीं संयुक्त हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनका लक्ष्य जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा बताया गया। हालांकि अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।
व्हाइट हाउस में ट्रम्प-नेतन्याहू की अहम बैठक
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में करीब 90 मिनट तक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद नेतन्याहू ने इसे अब तक की सबसे सफल बैठकों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस बात पर स्पष्ट सहमति बनी है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।उन्होंने कहा कि बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, इजराइल की सुरक्षा रणनीति और भविष्य की साझी नीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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तेल बाजार पर मिसाइल तनाव का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में करीब 3.8% की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 87.26 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
जिजान रिफाइनरी बंद होने की खबर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती हमलों के बाद सऊदी अरब की जिजान रिफाइनरी, जिसकी क्षमता करीब 4 लाख बैरल प्रतिदिन है, अस्थायी रूप से बंद होने की सूचना है। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है तो वैश्विक स्तर पर रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और ईंधन बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
यूक्रेन-ईरान विवाद में नया मोड़
न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 25 जुलाई को यूक्रेन द्वारा कैस्पियन सागर में ईरान के एक जहाज पर हमले के बाद ईरान मिसाइल जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। हालांकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद हालात को नियंत्रित कर लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें यूक्रेन ने घटना को अनजाने में हुई कार्रवाई बताया। इसके बाद तत्काल सैन्य जवाबी कार्रवाई टाल दी गई।
अमेरिका, सऊदी अरब, ईरान और इजराइल से जुड़े लगातार घटनाक्रमों ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है। सैन्य कार्रवाई, मिसाइल हमले और कूटनीतिक हलचल के बीच दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात शांत होते हैं या संघर्ष और व्यापक रूप लेता है।

