नई दिल्ली/ढाका: नई दिल्ली में सितंबर 2026 में होने वाले 18वें BRICS Summit को लेकर दक्षिण एशियाई कूटनीति में हलचल तेज हो गई है। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS आउटरीच सेशन में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है, लेकिन ढाका की ओर से अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बांग्लादेश सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस निमंत्रण को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से चर्चा के बाद ही उनकी भागीदारी को लेकर आधिकारिक फैसला सामने आ सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तारिक रहमान दिल्ली पहुंचकर BRICS मंच का हिस्सा बनेंगे या फिर इस निमंत्रण से दूरी बनाए रखेंगे।
BRICS मंच पर बांग्लादेश के लिए बड़ा अवसर
भारत ने BIMSTEC के मौजूदा चेयरमैन के तौर पर बांग्लादेश को यह निमंत्रण दिया है। हालांकि बांग्लादेश अभी BRICS का पूर्ण सदस्य नहीं है, लेकिन उसे आउटरीच सेशन में भाग लेने वाले देशों में शामिल किया गया है। यह सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर है। बांग्लादेश लंबे समय से BRICS में शामिल होने की इच्छा जताता रहा है और इस दिशा में सदस्य देशों का समर्थन भी मांग चुका है।
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पीएम मोदी और तारिक रहमान की संभावित मुलाकात पर नजर
BRICS Summit के दौरान भारत और बांग्लादेश के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय बातचीत की संभावनाओं को भी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के रिश्तों में हाल के समय में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, ऐसे में यह बैठक नई शुरुआत का संकेत दे सकती है। BRICS आउटरीच कार्यक्रम में गैर-सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है। इस बार भी कई देशों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच पर जुटेंगे।
बांग्लादेश पहले भी 2023 में दक्षिण अफ्रीका और 2024 में रूस में हुए BRICS आउटरीच कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुका है। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन उसके लिए कूटनीतिक संतुलन बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत के इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं या नहीं। उनका फैसला आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंधों और क्षेत्रीय राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है।

