उज्जैन: बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक खास पहल शुरू की गई है। अब महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग पाक परंपराओं का स्वाद भी प्रसाद के रूप में मिलेगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने ‘रस संगमम् – एक भारत, अनेक परंपराएं’ अभियान की शुरुआत की है इस पहल के तहत श्रद्धालुओं को सप्ताह के तय दिनों में विशेष भारतीय व्यंजन परोसे जाएंगे। इसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता को भोजन के माध्यम से जोड़ना और श्रद्धालुओं को एक अनोखा अनुभव देना है।
मंगलवार और शुक्रवार को मिलेगा साउथ इंडियन प्रसाद
महाकाल मंदिर प्रशासन के अनुसार, हर मंगलवार और शुक्रवार को अन्नक्षेत्र में दक्षिण भारतीय पारंपरिक प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
मंगलवार का खास मेन्यू
- सांभर
- इडली/वड़ा
- स्टीम चावल
- मौसमी सब्जी
- पोंगल
शुक्रवार को मिलेगा यह प्रसाद
- पुलिहोरा
- पायसम
- रसम
- मौसमी सब्जी
- स्टीम चावल
बाकी दिनों में जारी रहेगी पारंपरिक प्रसादी व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने बताया कि सप्ताह के अन्य दिनों में श्रद्धालुओं को नियमित प्रसाद ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें मौसम के अनुसार सब्जी, दाल, चावल, रोटी और एक मीठा व्यंजन शामिल रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पौष्टिक भोजन के साथ भारतीय परंपराओं और स्वादों से जोड़ना है।
महाकाल मंदिर में दिखेगा ‘विविधता में एकता’ का संदेश
मंदिर प्रबंध समिति का कहना है कि भारत की पहचान सिर्फ भाषा और संस्कृति से नहीं, बल्कि यहां के खान-पान की समृद्ध परंपराओं से भी होती है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए ‘रस संगमम्’ पहल शुरू की गई है। महाकाल के दरबार में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यह पहल उन्हें भारत की विविध पाक संस्कृति से रूबरू कराने का माध्यम बनेगी।
श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनेगा नया प्रसाद मेन्यू
महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में शुरू हुई यह पहल धार्मिक अनुभव के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करेगी। अब श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के साथ देश के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक स्वाद का भी आनंद ले सकेंगे।

