बालाघाट: बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक अनुभा मुंजारे ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ बालाघाट ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का बड़ा घोटाला है, जिसमें भाजपा से जुड़े लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की संलिप्तता होने के आरोप सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि मामला हर्ष राइस मिल से जुड़ा हुआ है, लेकिन अब तक मिल के प्रोपराइटर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। विधायक के अनुसार पुलिस ने केवल उनके पार्टनर विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रही है, जिसके कारण मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अनुभा मुंजारे ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे-छोटे मामलों में आरोपी पकड़ने के बाद पुलिस उनका जुलूस निकालती है, लेकिन करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले में न तो मुख्य आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं और न ही उनके खिलाफ वैसी कार्रवाई दिखाई दे रही है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े कुछ नेता अपने परिवार और रिश्तेदारों को बचाने के लिए बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को दबाने की कोशिश की जा सकती है।
एसपी कार्यालय घेरने और आंदोलन की चेतावनी
विधायक ने कहा कि यदि पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेगी और सड़क पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
प्रेस वार्ता में अनुभा मुंजारे ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों में भाजपा सरकार आगे है तथा गरीबों के हक पर डाका डालने का काम भाजपा नेताओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें पदों से हटाने की मांग की।
एथेनॉल, विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
विधायक ने कहा कि चावल घोटाले में एथेनॉल से जुड़े पहलुओं के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। उन्होंने कहा कि एनजीटी की कार्रवाई, कथित चावल घोटाला, जीएसटी चोरी सहित कई मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
डबल मनी मामले का भी किया जिक्र
प्रेस वार्ता के दौरान अनुभा मुंजारे ने बहुचर्चित डबल मनी प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक रमेश भटेरे के पीएसओ के पास डबल मनी मामले के कथित मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकरायने की लग्जरी कार होने की बात सामने आई थी, जिसे पुलिस ने जब्त भी किया है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जाए। उनका कहना था कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई और नाम सामने आ सकते हैं, इसलिए संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए।
नोट: यह समाचार प्रेस वार्ता में विधायक अनुभा मुंजारे द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी मांगों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।

