नई दिल्ली/ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के बीच ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे।
टेलीकॉम सेक्टर में मध्यप्रदेश बनाएगा नई पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में विकसित होने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को उद्योग-अनुकूल नीतियां, विश्वस्तरीय अधोसंरचना और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा-
“हमारा संकल्प है कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जो आज देश में उपलब्ध नहीं है, उसका निर्माण मध्यप्रदेश में होगा।”
रोजगार, निवेश और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा
साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश में निर्मित दूरसंचार उपकरण देश की आवश्यकताओं को पूरा करेंगे और भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में बड़े निवेश को आकर्षित करने, औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत बनाने, हाई-टेक विनिर्माण को बढ़ावा देने और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

औद्योगिक विकास की नई उड़ान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम मित्र पार्क, BEML रेलवे वैगन निर्माण परियोजना, बीना पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी और नदी जोड़ो परियोजनाओं जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रदेश को औद्योगिक, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं।उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक और विनिर्माण (Manufacturing) हब बनाना है।

