भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विकसित हो रहा नाथू बरखेड़ा इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी खेल अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। करीब 985.76 करोड़ रुपये की लागत से 136.296 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा और भोपाल को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
हॉकी स्टेडियम में होंगे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जा रहे सिंथेटिक हॉकी टर्फ और हॉकी स्टेडियम का जायजा लिया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि पहले चरण में 5,000 दर्शकों की क्षमता वाला हॉकी स्टेडियम और सिंथेटिक हॉकी टर्फ लगभग तैयार हो चुका है। इसी मैदान पर अक्टूबर-नवंबर 2026 में एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा से पहले पूरी करने के निर्देश दिए।
10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला एथलेटिक्स स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इसे इंटरनेशनल एथलेटिक्स फेडरेशन और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इस परिसर में 10,000 दर्शकों की क्षमता वाला एथलेटिक्स स्टेडियम, फुटबॉल मैदान और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
तीन चरणों में तैयार होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
सरकार इस मेगा परियोजना को तीन चरणों में विकसित कर रही है।
पहला चरण
- हॉकी स्टेडियम
- सिंथेटिक हॉकी टर्फ
- एथलेटिक्स ट्रैक
- वार्म-अप ट्रैक
दूसरा चरण
- इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
- ऑल वेदर स्विमिंग कॉम्प्लेक्स
- 300 खिलाड़ियों की क्षमता वाला छात्रावास
- घुड़सवारी क्रॉस कंट्री ट्रैक
तीसरा चरण
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
- साइक्लिंग वेलोड्रोम
सरकार के अनुसार पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
₹985.76 करोड़ की लागत से तैयार हो रही परियोजना
परियोजना के पहले चरण के लिए 357.96 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के लिए 627.80 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। कुल मिलाकर इस परियोजना पर 985.76 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सेना भर्ती के अभ्यर्थियों से भी मिले मुख्यमंत्री
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिसर में चल रही भारतीय सेना भर्ती प्रक्रिया का भी जायजा लिया और अभ्यर्थियों से बातचीत की। सेना भर्ती अधिकारियों ने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया में 4,500 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जिनमें से करीब 3,000 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 1 जनवरी 2027 से शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए देश सेवा के लिए प्रेरित किया।

