मुंबई | भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों की नो-बॉल की समस्या को रोकने के लिए एक दिलचस्प सुझाव दिया है। उनका कहना है कि गेंदबाज के नो-बॉल करने पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और अगर वही गलती दोबारा होती है तो जुर्माने की रकम दोगुनी कर दी जाए।
गावस्कर ने यह सुझाव मिड-डे में लिखे अपने कॉलम में दिया साथ ही यह भी कहा कि जुर्माने की आधी रकम गेंदबाजी कोच से भी ली जानी चाहिए। जमा हुई पूरी रकम का इस्तेमाल सीरीज या दौरे के अंत में टीम डिनर के लिए किया जा सकता है।
गावस्कर के मुताबिक, इस तरह की मजेदार सजा से खिलाड़ियों में अनुशासन भी आएगा और टीम के बीच बॉन्डिंग भी मजबूत होगी।
श्रीलंका सीरीज में भारत ने की 20 नो-बॉल
हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ हुई 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 20 नो-बॉल फेंकी थीं। पहले टेस्ट में 7 जबकि दूसरे टेस्ट में 13 नो-बॉल हुईं।
गावस्कर ने खास तौर पर गेंदबाजों के पैर क्रीज से बाहर निकलने को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना है कि रन-अप नापने के लिए टेप जैसी सुविधा मौजूद होती है, इसलिए गेंदबाजों के पास नो-बॉल करने का कोई खास बहाना नहीं होना चाहिए।
पिछले 5 साल में रवींद्र जडेजा भी 88 से ज्यादा नो-बॉल कर चुके हैं।
ओवरथ्रो पर बैकअप नहीं देने पर भी लगे जुर्माना
गावस्कर ने सिर्फ नो-बॉल तक ही बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा कि मैदान पर होने वाली दूसरी छोटी-छोटी गलतियों के लिए भी टीम के अंदर जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी ओवरथ्रो के दौरान बैकअप देने में लापरवाही करता है, तो टीम वोटिंग के जरिए उस पर जुर्माना तय किया जा सकता है।
बहुतुले के फ्री-हिट वाले सुझाव से गावस्कर सहमत नहीं
भारतीय स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने नो-बॉल की समस्या को मजाकिया अंदाज में खत्म करने के लिए टेस्ट क्रिकेट में भी फ्री-हिट देने का सुझाव दिया था।
हालांकि, गावस्कर को यह आइडिया पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को नो-बॉल के बाद फ्री-हिट के रूप में अतिरिक्त फायदा देने की जरूरत नहीं है।
गावस्कर ने यह भी कहा कि टेस्ट में पहले ही एक ओवर में बाउंसर की संख्या दो तक सीमित है और बाउंड्री भी छोटी की जा चुकी हैं। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना पहले ही थोड़ा आसान हो गया है।

