नई दिल्ली:चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को उनके दौरे की पुष्टि की है। जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है।अगर दोनों नेताओं की मुलाकात होती है तो जून 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद यह भारत में उनकी पहली द्विपक्षीय बैठक होगी। गलवान हिंसा में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी।
2019 में आखिरी बार भारत आए थे जिनपिंग
शी जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। तब उन्होंने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक की थी। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में सीमा विवाद के कारण तनाव बढ़ा।नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में चीन और रूस समेत सदस्य देश हिस्सा लेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी भारत आने की पुष्टि हो चुकी है।
NSA डोभाल ने चीन में की थी बातचीत
जिनपिंग के दौरे से पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 24 अगस्त को चीन का दौरा किया था। 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की थी।भारत-चीन वार्ता में सीमा विवाद के अलावा व्यापार और आर्थिक संबंध भी अहम मुद्दे हैं। भारत चीन के साथ व्यापार घाटा कम करने के साथ ही रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर निर्भरता घटाने पर भी जोर दे रहा है।
भारत के नेतृत्व में BRICS समिट
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। समूह में भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया समेत 11 देश शामिल हैं।भारत की अध्यक्षता में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से मुकाबले और सप्लाई चेन मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और व्यापार-निवेश सहयोग को भी प्रमुखता दिए जाने की उम्मीद है।

