दुबई: सात बार की चैंपियन भारतीय महिला टीम रविवार को टी20 एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका के सामने होगी। भारत की नजर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब जीतने पर है। दोनों टीमें अब तक टूर्नामेंट में अजेय रही हैं। भारत के लिए शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा का प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकता है।
शेफाली-मंधाना पर बल्लेबाजी का दारोमदार
शेफाली वर्मा टूर्नामेंट में भारत की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। वह दो अर्धशतक की मदद से 168 रन बना चुकी हैं। धीमी और स्पिनरों की मददगार दुबई की पिच पर भी शेफाली ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की है।
स्मृति मंधाना ने भी एक शानदार शतक लगाया है और उनके नाम 154 रन हैं। हालांकि, दो मुकाबलों में वह दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में फाइनल में भारत को दोनों सलामी बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी।
दीप्ति शर्मा गेंद और बल्ले से मजबूत कड़ी
दीप्ति शर्मा टूर्नामेंट में 11 विकेट लेकर श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने छह गेंदों पर 13 रन बनाकर टीम को 150 रन के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दीप्ति के अलावा श्री चरणी और प्रेमा रावत ने भी स्पिन गेंदबाजी से प्रभावित किया है। तीनों की भूमिका फाइनल में अहम रहने वाली है।
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श्रीलंका भी अब तक अजेय
श्रीलंका ने भी फाइनल तक एक भी मैच नहीं गंवाया है। सेमीफाइनल में उसने पाकिस्तान के खिलाफ 131 रन का लक्ष्य हासिल किया। टीम ने शुरुआती दो ओवर में पांच रन पर दो और सातवें ओवर तक 33 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, लेकिन हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी और अन्य बल्लेबाजों ने पारी संभाल ली।
2024 के फाइनल में भी श्रीलंका ने भारत को आठ विकेट से हराकर खिताब जीता था। उस मुकाबले में हर्षिता और अटापट्टू ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाई थी।
भारत के सामने क्षेत्ररक्षण की चुनौती
भारत की सबसे बड़ी चिंता उसका क्षेत्ररक्षण रहा है। सेमीफाइनल में टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ चार कैच छोड़े थे। पाकिस्तान के खिलाफ भी दो कैच छूटे थे, जबकि थाईलैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में दो कैच टपकाए गए थे।
बल्लेबाजी में भी शेफाली और मंधाना को छोड़कर बाकी खिलाड़ी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे हैं। फाइनल में भारत को इन दोनों कमजोरियों में सुधार करना होगा।
प्लेइंग-11 में बदलाव की संभावना कम
भारत ने टूर्नामेंट के सभी मैचों में एक ही प्लेइंग-11 के साथ मैदान में उतरकर निरंतरता दिखाई है। ऐसे में फाइनल में भी टीम में बदलाव की संभावना कम है।
वहीं, श्रीलंका ने 17 खिलाड़ियों में से 14 को मौका दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में उसने हसिनी परेरा और मिताली अयोध्या को खिलाया, जबकि विश्मी गुनारत्ने और चेतना विमुक्ति को बाहर रखा।
संभावित प्लेइंग-11
भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, क्रांति गौड़, श्री चरणी, नंदिनी शर्मा।
श्रीलंका: इमेशा दुलानी, चामारी अटापट्टू (कप्तान), संजन काविंदी, हर्षिता समरविक्रमा, हसिनी परेरा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुथ्यांगना, सुगंदिका कुमारी, चामुदी प्राबोदा, मिताली अयोध्या।

