मुंबई: गणेश चतुर्थी के साथ देशभर में गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। महाराष्ट्र में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने बप्पा के चरणों में कुल 48 लाख 50 हजार रुपये का दान चढ़ाया।
मंडल से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कुल दान में स्टेज बॉक्स से 27.50 लाख रुपये और कलर बॉक्स से 21 लाख रुपये मिले। पिछले साल गणेशोत्सव के पहले दिन यहां करीब 46 लाख रुपये का दान आया था। इस हिसाब से इस बार पहले दिन का चढ़ावा करीब 2.50 लाख रुपये ज्यादा रहा।
गणेशोत्सव के बीच FDA भी सक्रिय
गणेशोत्सव में बड़ी संख्या में भक्तों को प्रसाद, महाप्रसाद और दूसरी खाने की चीजें बांटी जाती हैं। इसे देखते हुए ग्रेटर मुंबई के Food and Drug Administration (FDA) ने फूड सेफ्टी को लेकर विशेष अभियान चलाया है।
मुंबई में अलग-अलग जगहों पर गणेश मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए पांच जागरूकता वर्कशॉप आयोजित की गईं। इनमें करीब 320 पदाधिकारियों और संबंधित संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
मोदक से लेकर महाप्रसाद तक साफ-सफाई पर जोर
FDA ने BMC के साथ मिलकर 110 स्वयं सहायता समूहों के लिए ‘मोदक की मिठास, खाद्य सुरक्षा का भरोसा’ नाम से वर्कशॉप भी आयोजित की। इसमें Food Safety Officers ने Food Safety and Standards Act, 2006 के नियमों की जानकारी दी।
खास तौर पर Good Hygiene Practices (GHP) और Good Manufacturing Practices (GMP) का पालन करने पर जोर दिया गया, ताकि मोदक, प्रसाद और दूसरी खाद्य सामग्री तैयार करने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता बनी रहे।
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रजिस्टर्ड जगह से ही खरीदें खाने का सामान
महाप्रसाद और भंडारा आयोजित करने वाले गणेश मंडलों को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। मंडलों से निर्धारित फॉर्म भरकर संबंधित कार्यालय में जमा करने को कहा गया है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री केवल licensed या registered suppliers से खरीदने और उसका उचित बिल रखने की सलाह दी गई है।
FDA की इस पहल का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं तक सुरक्षित, साफ और अच्छी गुणवत्ता वाला प्रसाद व भोजन पहुंचाना है।

