नई दिल्ली: दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका आने वाले वर्षों में और बड़ी हो सकती है। International Monetary Fund (IMF) के Deputy Managing Director नाइजेल क्लार्क ने कहा है कि भारत में Global Economic Growth की अगली लहर को रफ्तार देने की क्षमता है। मजबूत आर्थिक आधार, तेजी से आगे बढ़ता Private Sector और Technology व Manufacturing में बढ़ती क्षमता भारत की बड़ी ताकत बन सकती है।
नाइजेल क्लार्क 7 से 11 सितंबर तक भारत के पांच दिवसीय दौरे पर थे। IMF में Deputy Managing Director बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा था। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में सरकारी अधिकारियों और कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
भारत को बताया Global Growth का अहम इंजन
भारत दौरा पूरा होने के बाद 15 सितंबर को जारी बयान में क्लार्क ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि मजबूत Fundamentals और Policy Framework के कारण देश Global Growth में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि IMF भारत के आर्थिक सफर में करीबी साझेदार बना रहेगा।
IMF ने जुलाई 2026 के अपने World Economic Outlook Update में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की Growth Rate 6.4% रहने का अनुमान दिया था। IMF के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था ने मुश्किल Global Conditions के बीच भी Resilience दिखाई है।
सीतारमण, RBI गवर्नर और नीति आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात
क्लार्क ने अपने दौरे में वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, RBI Governor संजय मल्होत्रा और NITI Aayog के Vice Chairman अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात की। इन बैठकों में भारत की Economic Outlook, बदलती Global Economy और Sustainable व Inclusive Growth के लिए जरूरी नीतियों पर चर्चा हुई।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बढ़ती Global Uncertainty के बीच Macroeconomic Stability और Resilience बनाए रखना जरूरी है। Inflation को नियंत्रण में रखने के साथ ऐसी नीतियों और Reforms को आगे बढ़ाने की जरूरत है, जो Productivity और Competition बढ़ा सकें।
Technology और Manufacturing में दिखी बड़ी संभावना
भारत के Private Sector को लेकर भी क्लार्क ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देश के Talent Pool के साथ तेजी से विकसित हो रही Technology और Manufacturing Capabilities का जिक्र किया।
उनके मुताबिक Innovation, Digital Transformation, Advanced Manufacturing और नई Technologies को तेजी से अपनाना भारत की Productivity और Competitiveness को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

