बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दंपति के साथ की गई मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। SIT की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए गए चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR कर ली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में गठित SIT को सौंपी गई थी। जांच टीम ने घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान SIT ने 49 से अधिक प्रत्यक्षदर्शियों, पीड़ित दंपती और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा अन्य महत्वपूर्ण सबूतों का गहन विश्लेषण किया।
कई चौंकाने वाले और गंभीर तथ्य सामने आए
SIT की जांच रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई चौंकाने वाले और गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि पीड़ित महिला को गैर-कानूनी तरीके से थाने में बिठाकर रखा गया था। सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी की गई, जो सर्वोच्च न्यायालय और पुलिस नियमावली के स्पष्ट निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। पुलिसकर्मियों ने दंपती को डराने-धमकाने और उन पर अनुचित दबाव बनाने के तथ्य भी साबित हुए हैं।
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भारी आक्रोश के बाद हुआ था बड़ा आंदोलन
इस घटना के सामने आने के बाद मरार माली समाज में पुलिस के प्रति तीव्र आक्रोश पनप गया था। समाज के लोगों ने किरनापुर में उग्र प्रदर्शन और आंदोलन किया था। इस बवाल के दौरान आक्रोशित भीड़ ने थाने पर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की थी, जिसके जवाब में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था।

