भोपाल: जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से मारपीट के आरोप के बाद करीब 50 वकीलों ने मंगलवार देर रात 3 बजे तक थाने पर प्रदर्शन किया।
वकीलों ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले में डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत कॉन्स्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया है।
तीनों को निलंबन अवधि में रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है। मामले की प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जहांगीराबाद थाने में तड़के 3 बजे तक प्रदर्शन
भोपाल में मंगलवार देर रात तक करीब 50 वकीलों ने मंगलवार देर रात 3 बजे तक जहांगीराबाद थाने पर प्रदर्शन किया। आरोप है कि पुलिस ने उनके एक साथी से बेवजह बदतमीजी की। आपत्ति जताने पर उसे लाठियों से पीटा।
प्रदर्शनकारी वकील थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मामले के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।
जानिए पूरा विवाद क्या है?
शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल (45) ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वे खटलापुरा मंदिर की तरफ से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।
रावल ने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कही तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज करने लगे। रावल के मुताबिक, विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर डंडे बरसाए गए।
रावल के मुताबिक, कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका था। उन्होंने बैरागढ़ जाने का वैकल्पिक रास्ता पूछा। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे रास्ता बताने के लिए खड़े नहीं हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई।
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एसीपी ट्रैफिक से बदसलूकी की
दूसरी ओर, थाना प्रभारी (निलंबन से पहले) राजन सिंह अहिरवार का कहना था कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ बदसलूकी की थी। उन्होंने सरेराह एसीपी को अपशब्द कहे और समझाइश के बाद भी ऐसा करते रहे।

