न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रूस भारत समेत 47 देशों के नागरिकों को धोखे और अलग-अलग तरीकों से अपने यहां लाकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल कर रहा है।
जेलेंस्की ने 23 सितंबर 2026(बुधवार) को UN महासभा को संबोधित करते हुए भारत, नेपाल, घाना, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों का नाम लिया। उन्होंने इन देशों से अपने नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल होने से बचाने के लिए कदम उठाने की अपील की।
रूसी सेना से जुड़े 51 भारतीयों की मौत
भारत सरकार की ओर से हाल में जारी आंकड़ों के मुताबिक, रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिकों की भर्ती की जानकारी सामने आई है। इनमें से 139 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि 51 भारतीयों की मौत हुई है।
भारत बाकी भारतीय नागरिकों की रिहाई और सुरक्षित वापसी के लिए रूस के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील
अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस की युद्ध क्षमता और इससे जुड़े आर्थिक संसाधनों को सीमित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस को मिलने वाला पैसा युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने में मदद करता है।
जेलेंस्की पहले भारत, चीन और तुर्किये से रूस के साथ Energy Trade कम करने की अपील भी कर चुके हैं। भारत का कहना रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद Market Conditions और देश की Energy Security को ध्यान में रखकर की जाती है।
उत्तर कोरिया पर भी लगाया आरोप
जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया पर रूस को सैन्य मदद देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिक भी रूस की तरफ से युद्ध में शामिल हुए हैं। उन्होंने दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेजे जाने की जानकारी भी दी।
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सर्दियों से पहले बढ़ा तनाव
जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि अगर रूस सर्दियों के दौरान यूक्रेन के Energy Infrastructure पर हमले जारी रखता है, तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है। रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर अमेरिका की ओर से कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं।

