विदिशा: 4.90 करोड़ रुपए के निजी ठेके वाली डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था 5 दिन तक ठप रही। वेतन नहीं मिलने से ड्राइवर और हेल्परों ने काम बंद कर दिया था। नाराज पार्षदों ने कंपनी कार्यालय के बाहर कचरा फेंककर ठेका रद्द करने की मांग की। नगर पालिका ने 26 और 27 सितंबर को अपने वाहन भेजकर कचरा उठवाया।
8 से 15 दिन तक नहीं पहुंच रहीं गाड़ियां
वार्ड-34 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश लोधी ने बताया कि लोगों से सालाना 960 रुपए यूजर चार्ज लिया जा रहा है, लेकिन कई जगह 8 से 15 दिन तक कचरा वाहन नहीं पहुंच रहे। शिकायत करने पर कंपनी फोन नहीं उठाती। पार्षद संजय अग्रवाल ने टैगोर भवन परिसर को कचरा वाहनों का अड्डा बनाने का भी विरोध किया और ठेका रद्द करने की मांग की।
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ऑडिट आपत्तियों के कारण रुका भुगतान
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि कंपनी का भुगतान ऑडिट की आपत्तियों के कारण रुका है।
आपत्तियों का निराकरण होने के बाद भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों के काम बंद करने की सूचना मिलते ही नगर पालिका ने अपने वाहन भेजकर सफाई कराई। अब कंपनी से चर्चा के बाद डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण फिर शुरू करा दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी ने कहा कि पुरानी सफाई व्यवस्था बेहतर थी, लेकिन निजी ठेके के बाद व्यवस्था बिगड़ गई।

