भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर पैदल मार्च करते हुए निकले। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।
मार्च में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैरिकेडिंग कर रोका, वॉटर कैनन का इस्तेमाल
कांग्रेस कार्यकर्ता जब निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर सामने आई।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता जरूरी
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति, जवाबदेही और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर जो सवाल सामने आ रहे हैं, उनका जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए। देश की व्यवस्था व्यक्ति या सत्ता के बजाय संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधार पर चलनी चाहिए।
वोट का अधिकार कमजोर हुआ तो लोकतंत्र कमजोर होगा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके भरोसे पर टिकी है। चुनाव में जीत और हार होती रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहना सबसे जरूरी है।
उन्होंने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी राज्य और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
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जनता की आवाज बूथ तक पहुंचाएंगे
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन आम मतदाता के अधिकार, संविधान और लोकतंत्र से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, EVM और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
सिंघार ने रोजगार, किसानों के समर्थन मूल्य, महिला सुरक्षा और आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है और जनता की आवाज बूथ तक पहुंचाई जाएगी।
कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज किया है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ सामने आना चाहिए।

