रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में नशे की फसल पकड़े जाने का मामला सामने आया है| यहां पुलिस तब हैरान रह गई जब एक शासकीय भूमि पर कपास और मक्के की फसल के बीच बड़ी संख्या में गांजा के पौधे पाए गए| मामला रतलाम के सरवन थाना क्षेत्र का है| यहां कपास और मक्का के फसल के बीच में गांजे की खेती की जा रही थी| सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा और सरवन थाना पुलिस की टीम ने हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं| जिनकी अनुमानित कीमत 7 लाख रुपए बताई जा रही है|
खासबात यह है कि मादक पदार्थ की यह अवैध खेती शासकीय जमीन पर कब्जा कर अज्ञात लोगों के द्वारा की जा रही थी| पुलिस अब मादक पदार्थ की खेती करने वाले आरोपियों और इससे जुड़े तस्करी नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है|
मक्का और कपास की आड़ में लगाए थे गांजे के पौधे
रतलाम के सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा ने बताया, मुखबिर से सूचना मिली थी कि अज्ञात लोगों ने उण्डेर गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां कपास और मक्का की फसल के बीच में अवैध गांजा के पौधे भी लगा दिए हैं| सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित की गई टीम ने कार्रवाई कर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में एक खेत से गांजे की फसल जब्त की है| पुलिस ने मौके से 724 किलोग्राम गांजे के 2948 हरे पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 7 लाख रु है| पुलिस आसपास के किसानों और स्थानीय लोगों से अवैध मादक पदार्थ की खेती करने वालों की जानकारी जुटा रही है|
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एनडीपीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज
वहीं, एसडीओपी ने बताया, भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती करने वाले व्यक्तियों एवं गांजे की खेती से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें इस प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा| साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका निर्धारित करते हुए, नियमानुसार प्रभावी वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी| सरवन थाना पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है|

