भोपाल: एम्स भोपाल में बुधवार देर रात आउटसोर्स एजेंसी ने हाउसकीपिंग और वार्ड ब्वाय समेत करीब 260 कर्मचारियों को काम से हटा दिया। रात करीब नौ बजे कर्मचारियों की सूची जारी होने के बाद प्रभावित कर्मचारी विरोध जताने के लिए एम्स के बाहर पहुंच गए। एम्स में आउटसोर्स के तहत करीब 800 कर्मचारी विभिन्न कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं।
अचानक सूची जारी होने से कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कारण स्पष्ट करने की मांग को लेकर देर रात प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों के अनुसार, सूची जारी होने की जानकारी अचानक मिली। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के सामने अब रोजगार को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। कर्मचारियों ने एजेंसी से सूची तैयार करने का आधार और उन्हें हटाए जाने का कारण स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्णय से पहले कर्मचारियों से बातचीत की जानी चाहिए थी।
रोजी-रोटी का संकट
कर्मचारी मुकुल मालवीय, ने कहा कि देर रात सूची जारी होने के बाद कर्मचारियों में चिंता है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी लंबे समय से एम्स में काम कर रहे हैं। अचानक सेवा समाप्त होने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की कि एजेंसी और एम्स प्रबंधन कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट करें और उनकी बात सुनी जाए।
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प्रबंधन बातचीत से करें समाधान
न्याय की आस में एम्स परिसर के बाहर देर रात कर्मचारी एम्स के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन करते रहे। कर्मचारियों ने कहा कि वे प्रबंधन से बातचीत कर मामले का समाधान चाहते हैं।

