पटना: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रही शादीशुदा महिलाओं के लिए एक नई शर्त सामने आई है। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए जिनका मायका बिहार से बाहर है, लेकिन शादी के बाद वो बिहार में रह रही हैं।
दरअसल BPSC ने 22 सितंबर को नया निर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक अगर कोई शादीशुदा महिला आरक्षण का फायदा लेना चाहती है तो उसे जाति, निवास और नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट अपने माता-पिता यानी मायके के पते से देना होगा, पति के पते से नहीं चलेगा।
बाहर से शादी करके बिहार आई महिलाओं पर असर
इस नियम का सबसे ज्यादा असर उन महिलाओं पर पड़ेगा जो दूसरे राज्य की हैं और शादी करके बिहार आई हैं। सिर्फ शादी के आधार पर उन्हें बिहार में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
ये बदलाव ऐसे समय आया है जब TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती चल रही है। बिहार ने 2025 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने का फैसला किया था और अब शिक्षक भर्ती में इसका असर पहली बार साफ दिख रहा है।
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पिछली तीन बड़ी भर्तियों में बिहार से बाहर के लोगों को भी खूब नौकरी मिली थी। अधिकारियों के मुताबिक TRE-1 से TRE-3 के बीच करीब 2.68 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, जिसमें लगभग 50 हजार शिक्षक दूसरे राज्यों के थे।
नई व्यवस्था का मकसद बिहार के युवाओं को ज्यादा मौका देना बताया जा रहा है, लेकिन शादीशुदा महिलाओं के लिए मायके के कागज की शर्त अब चर्चा में है।

