लखनऊ: उत्तरप्रदेश के लखनऊ में बाढ़ के कारण गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है। फैजुल्लागंज इलाका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित बताया जा रहा है। यहां करीब 40 हजार घरों में 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है, जिससे 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
कई परिवार घरों में ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। कई इलाकों में लोगों को आने-जाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
6 दोस्त पानी के तेज बहाव में बहे
इटौंजा में भी बाढ़ के तेज बहाव के बीच हादसा हो गया। यहां 6 दोस्त पानी के तेज बहाव में बह गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
वहीं, लखनऊ के रिवरफ्रंट, हनुमंत धाम और चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी भर गया है। लेटे हनुमानजी मंदिर के गर्भगृह में करीब 13 फीट तक पानी पहुंचने की जानकारी है। सुरक्षा को देखते हुए करीब 20 साल बाद गर्भगृह को श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया है।
गलियों से लेकर मेन रोड तक डूब गई
कई इलाकों में गलियों से लेकर मेन रोड तक डूब गई हैं। नाव के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लोग जुगाड़ से गद्दे की नाव बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। बच्चों को कंधे पर बैठाकर बाढ़ के पानी से गुजरने को मजबूर हैं। रोते हुए कह रहे हैं कि सब बर्बाद हो गया है।
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बेजुबानों का सहारा बनी रेस्क्यू टीम
फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स’ की टीम ने बेजुबान जानवरों के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया। टीम फैजुल्लागंज, मिल्लत नगर और दाऊद नगर पहुंची और बाढ़ में फंसे जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अभियान के दौरान 13 कुत्तों को रेस्क्यू किया गया। इसके साथ ही अन्य बेजुबान जानवरों के लिए फीडिंग अभियान भी चलाया गया।

