रूस: ब्लैक सी तट के पास भारतीय नाविकों वाले एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला हुआ। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। जहाज पर सवार सभी 23 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।रूस के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाले इस तेल टैंकर को समुद्री ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के बाद ब्लैक सी के पानी में कच्चा तेल जलने लगा और इलाके में धुएं का गुबार दिखाई दिया।
सुरक्षा और राहत एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की
रूस के रिसॉर्ट शहर सोची के कुछ हिस्सों में भी आसमान काले धुएं से ढक गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और राहत एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं हुई है।
बीते 48 घंटे में तीसरी घटना
खास बात यह है कि बीते 48 घंटे में भारतीय नाविकों वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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जहाज यूक्रेन की प्रतिबंध सूची में था
लाइबेरिया के झंडे वाले इस जहाज का नाम एफ्रामैक्स रियो है। द कीव इंडिपेंडेंट के मुताबिक, यह यूक्रेन की प्रतिबंध सूची में शामिल था। इसे रूस के कथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया था।रूस का शैडो फ्लीट उन टैंकरों और जहाजों का नेटवर्क है, जिनका इस्तेमाल रूस पश्चिमी प्रतिबंधों से बचकर तेल समेत दूसरे सामान के निर्यात में करता है।
यूक्रेन ने फरवरी में जहाज पर प्रतिबंध लगाए थे। उसका कहना था कि इस नेटवर्क के जहाज रूस को जरूरी ऊर्जा आय बनाए रखने में मदद करते हैं। इसी आय से रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को फंड करता है।

