कोच्चि: केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला और मलिकप्पुरम मंदिर के मेलशांति (मुख्य पुजारी) चयन मामले में 56 वर्षीय राजीव एमपी को अंतरिम राहत दी है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने उन्हें चयन के लिए अयोग्य घोषित किया था। कोर्ट ने उन्हें 7 अक्टूबर को होने वाले इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दे दी।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और केवी जयकुमार की पीठ ने कहा कि यह अनुमति अंतिम फैसला आने तक अंतरिम तौर पर है। राजीव ने याचिका में दावा किया है कि वह बोर्ड की अधिसूचना और चयन संबंधी दिशा-निर्देशों में तय पात्रता पूरी करते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी
अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों और याचिकाकर्ता की ओर से पेश रिकॉर्ड को देखते हुए अंतरिम राहत देने का पर्याप्त आधार है। हालांकि, इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति से उनकी अंतिम पात्रता या चयन का दावा तय नहीं होगा।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। यह चयन वर्ष 1202 एमई (2026-27) के लिए सबरीमाला श्री धर्मशास्ता और मलिकप्पुरम मंदिर के मेलशांति पदों से जुड़ा है।
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याचिकाकर्ता ने क्या मांग की?
इस मामले की सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय की गई। याचिकाकर्ता राजीव ने बोर्ड से निर्देश देने की मांग की है कि उन्हें सबरीमाला श्री धर्मशास्ता मंदिर और मलिकप्पुरम मंदिर में मेलशांति की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि वे बोर्ड की ओर से जारी नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं।
दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और हालात, और याचिकाकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड को देखते हुए, उन्होंने अंतरिम आदेश पाने के लिए एक ठोस आधार बनाया है।

