इंदौर: एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता और उनके जीजा के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह को लाइन अटैच किया गया है, जबकि चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच किया गया है।
डीसीपी नरेंद्र रावत ने कार्रवाई की पुष्टि की
कार्रवाई के तहत एएसआई मुकेश परमार, हेड कॉन्स्टेबल विजय वर्मा, दिनेश मीणा और कॉन्स्टेबल सुरेंद्र देवड़ा को सस्पेंड किया गया है। डीसीपी नरेंद्र रावत ने कार्रवाई की पुष्टि की है। मामले की जांच एसीपी मल्हारगंज को सौंपी गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
कार रोकने को लेकर विवाद
जयदीप दुबे की शिकायत के मुताबिक, 9 अक्टूबर को शाम करीब 5:30 बजे वे पत्नी रानू दुबे, जीजा पंकज चौबे और मित्र मुकेश चौहान के साथ कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में कार रोकने को लेकर बालकदास, पिता किशनलाल जाटवा, निवासी अंबिकापुरी, एरोड्रम से विवाद हो गया।
आरोपी ने फोन कर साथियों को बुलाया
आरोप है कि बालकदास ने गाली-गलौज और मारपीट की। लोहे के डंडे से हमला करने से जयदीप को चोट आई। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने फोन कर कुछ लोगों को बुलाया।उन्होंने भी मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं महिलाओं के साथ भी मारपीट का आरोप है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
TI से भी हुआ विवाद
जयदीप के मुताबिक, वे शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सीने में दर्द होने की बात भी पुलिसकर्मियों को बताई। इसके बाद वे अपने जीजा पंकज चौबे के साथ दोबारा थाने पहुंचे।
पंकज भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हैं। जयदीप का आरोप है कि टीआई ने उनसे कहा कि वे ज्यादा नेतागीरी कर रहे हैं और विधायकों से फोन लगवा रहे हैं। इसके बाद पुलिसकर्मियों और उनके बीच विवाद हुआ।
पत्नी ने लगाया बदसलूकी का आरोप
जयदीप ने टीआई वेदेंद्र सिंह कुशवाह, एएसआई नूर खजूर और अन्य पुलिसकर्मियों पर लात-घूंसों व डंडों से मारपीट का आरोप लगाया। उनके जीजा के साथ भी मारपीट और धक्का-मुक्की की बात कही।पत्नी रानू दुबे ने आरोप लगाया कि थाने में उनके साथ बदसलूकी की गई।
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ACP मल्हारगंज करेंगे जांच
डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक, एसीपी मल्हारगंज पूरे मामले की जांच करेंगे। इसमें टीआई की भूमिका और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई होगी।

