वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलकर ‘ट्रम्प ओशन’ या ‘ओशन ऑफ द अमेरिका’ रखने का सुझाव दिया है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
चुनावी रैली के दौरान दिया बयान
ट्रम्प ने शनिवार को एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि 2028 में अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले वह एक महासागर और एक बड़ी नदी का नाम बदलना चाहते हैं। उनकी इस बात पर रैली में मौजूद लोग हंसने लगे और तालियां बजाने लगे। इससे पहले भी ट्रम्प होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ‘ट्रम्प स्ट्रेट’ रखने का सुझाव दे चुके हैं। अब देखना होगा कि उनका यह बयान सिर्फ मजाक और राजनीतिक अंदाज तक सीमित रहता है या इस पर कोई औपचारिक पहल भी होती है।
मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदला
पिछले साल ट्रम्प ने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ कर दिया था। इस फैसले के बाद मेक्सिको के साथ कूटनीतिक तनाव बढ़ गया था।
इस नाम को लेकर ट्रम्प प्रशासन और अमेरिकी न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के बीच भी विवाद हुआ। AP ने खाड़ी के नए नाम को हर जगह इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में एजेंसी की पहुंच को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई थी।
महासागर का नाम बदलने का अभी कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं
ट्रम्प ने अटलांटिक या पैसिफिक ओशन का नाम बदलने की बात केवल रैली के दौरान कही। उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक प्रस्ताव पेश नहीं किया है।
द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यकारी अधिकारों का इस्तेमाल करके समुद्र, झीलों और दूसरी भौगोलिक जगहों के नाम बदल सकते हैं। ट्रम्प प्रशासन की ओर से बदले गए नामों को ऑनलाइन नक्शा बनाने वाली कंपनियों ने भी आम तौर पर अपनाया है।

